LawDistill
Supreme Court of India

SUHAIL AHMAD vs HAZI MOHD ISMAIL (D) THROUGH LRS on 25 September, 2019

Cites 0 provisionsCites 0 judgmentsCited by 0
C.A. No.-007675-007675 - 2019Official PDFBench Indira BanerjeeAdvocates PAHLAD SINGH SHARMA
अप्रतिवेद्य
भारीयमेंसवच्चमेंन्यमेंायमेंालयमेंमें
दीवानीअपीलीयमेंअतिकार
दीवानीअपीलसं. 7675 वर्ष 2019
(विवशेर्ष अनुमति यमेंातिका(दीवानी) सं. 6530/2019 सेउत्पन्न)
सुहेलअहमदऔरअन्यअपीलार्थी&गण
बनाम
हाजीमौहम्मदइस्माइल(डी) द्वाराविवतिकप्रतिविनतिप्रत्यमेंर्थी&गणऔरअन्य
विनणय
न्यमेंायमेंमूर्ति उदयमेंउमेशललिल,
(क) अनुमति प्रदान कीगयमेंी।
(ख) यमेंहअपीलदीवानीपुनरीक्षणसं. 104/1992 मेंउच्चमेंन्यमेंायमेंालयमेंइलाहाबादके
लखनऊखंडपीठद्वारापारिर विनणयमेंऔरआदेशविदनांविक 27. 08. 2018 कोु नौी
देीहै।
(ग) विदनांक03. 05. 1971 कोअपीलकाओंद्वारापरिरसरसं. 5, खंारीबाजारलेन,
र्थीानाकैसरबाग, लखनऊकेसंबं मेंप्रत्यमेंर्थी&गणोंकीविकरायमेंेदारीकोसमाप्तकरे हुए
औरविदनांक05. 01. 1970 सेविदनांक04. 05. 1971 कीअवति केलिलएरू. 1, 000/-
(केवलएकहजाररुपए) प्रति माहकीदरसेविकराएकीमांगकरे हुएनोविEसजारीकी
गईर्थीी।यमेंहनोविEसप्रत्यमेंर्थिर्थीओंंद्वाराविनःसन्देहरूपसेप्राप्तकीगयमेंीर्थीा।इसकेबाद,
अपीलकाओंद्वाराविदनांक05. 02. 1974 कोपश्चा् व& अवति अर्थीा् 5.11.1972 से
5.2.1974 ककेसंबं मेंविकराएकेभुगानकीमांगकरे हुएनोविEसजारीविकयमेंागयमेंा
र्थीा।विदनांक15. 04. 1974 कोएकऔरनोविEसजारीविकयमेंागयमेंार्थीाजिजसमेंपहलेके
नोविEसोंकासंदभविदयमेंार्थीाऔरविनम्नानुसारकहागयमेंार्थीा: -
"4. विकआपनेपहलेकेअवसरपरभेजेजानेपरइसनोविEसकी ामील
सेपरहेजविकयमेंाहैऔरइसलिलएयमेंहनोविEसआपकोदोनोंपंजीकृ ए/डी
केसार्थी-सार्थीपोस्टिंस्Eगकेप्रमाणपत्रके ह औरपोस्टिंस्Eगकेप्रमाणपत्र
के ह एक्सप्रेस तिडलीवरीभीभेजाजारहाहै औरविनम्नलिललिख प्रभाव
काएकEेलीग्रामभीआपसेविकराएकीमांगकरे हुएविदयमेंाजारहाहै: "
Þ{ks=h; Hkk"kk esa vuqokfnr fu.kZ; oknh ds viuh Hkk"kk esa le>us gsrq fufcZa/kr iz;ksx ds fy;s gS vkSj fdlh vU;
mís'; ds fy;s iz;ksx ugh fd;k tk ldrk gSA lHkh O;kogkfjd vkSj ljdkjh mís';ksa ds fy;s] fu.kZ; dk vaxzsth
4. इसकेबाद, अपीलकाओंद्वाराअपरजिजलान्यमेंायमेंाीश, लखनऊकीअदाल में
विकराएकीवसूली, उपयमेंोगऔरकब्जेकेलिलएमुआवजेकेसार्थी-सार्थीप्रत्यमेंर्थिर्थीओंंके
विनष्कासनकेलिलएएससीसीवादसंख्यमेंा22 सन् 1976 दायमेंरविकयमेंागयमेंार्थीा।अभिभवन
कोध्यमेंानमेंरखे हुए, विनम्नलिललिख विववाद्यकोंकोविदनांक03. 11. 1978 कोविवरति

अप्रतिवेद्य भारीयमेंसवच्चमेंन्यमेंायमेंालयमेंमें दीवानीअपीलीयमेंअतिकार दीवानीअपीलसं. 7675 वर्ष 2019 (विवशेर्ष अनुमति यमेंातिका(दीवानी) सं. 6530/2019 सेउत्पन्न) सुहेलअहमदऔरअन्यअपीलार्थी&गण बनाम हाजीमौहम्मदइस्माइल(डी) द्वाराविवतिकप्रतिविनतिप्रत्यमेंर्थी&गणऔरअन्य विनणय न्यमेंायमेंमूर्ति उदयमेंउमेशललिल, (क) अनुमति प्रदान कीगयमेंी। (ख) यमेंहअपीलदीवानीपुनरीक्षणसं. 104/1992 मेंउच्चमेंन्यमेंायमेंालयमेंइलाहाबादके लखनऊखंडपीठद्वारापारिर विनणयमेंऔरआदेशविदनांविक 27. 08. 2018 कोु नौी देीहै। (ग) विदनांक03. 05. 1971 कोअपीलकाओंद्वारापरिरसरसं. 5, खंारीबाजारलेन, र्थीानाकैसरबाग, लखनऊकेसंबं मेंप्रत्यमेंर्थी&गणोंकीविकरायमेंेदारीकोसमाप्तकरे हुए औरविदनांक05. 01. 1970 सेविदनांक04. 05. 1971 कीअवति केलिलएरू. 1, 000/(केवलएकहजाररुपए) प्रति माहकीदरसेविकराएकीमांगकरे हुएनोविEसजारीकी गईर्थीी।यमेंहनोविEसप्रत्यमेंर्थिर्थीओंंद्वाराविनःसन्देहरूपसेप्राप्तकीगयमेंीर्थीा।इसकेबाद, अपीलकाओंद्वाराविदनांक05. 02. 1974 कोपश्चा् व& अवति अर्थीा् 5.11.1972 से 5.2.1974 ककेसंबं मेंविकराएकेभुगानकीमांगकरे हुएनोविEसजारीविकयमेंागयमेंा र्थीा।विदनांक15. 04. 1974 कोएकऔरनोविEसजारीविकयमेंागयमेंार्थीाजिजसमेंपहलेके नोविEसोंकासंदभविदयमेंार्थीाऔरविनम्नानुसारकहागयमेंार्थीा: - "4. विकआपनेपहलेकेअवसरपरभेजेजानेपरइसनोविEसकी ामील सेपरहेजविकयमेंाहैऔरइसलिलएयमेंहनोविEसआपकोदोनोंपंजीकृ ए/डी केसार्थी-सार्थीपोस्टिंस्Eगकेप्रमाणपत्रके ह औरपोस्टिंस्Eगकेप्रमाणपत्र के ह एक्सप्रेस तिडलीवरीभीभेजाजारहाहै औरविनम्नलिललिख प्रभाव काएकEेलीग्रामभीआपसेविकराएकीमांगकरे हुएविदयमेंाजारहाहै: "

4.इसकेबाद, अपीलकाओंद्वाराअपरजिजलान्यमेंायमेंाीश, लखनऊकीअदाल में विकराएकीवसूली, उपयमेंोगऔरकब्जेकेलिलएमुआवजेकेसार्थी-सार्थीप्रत्यमेंर्थिर्थीओंंके विनष्कासनकेलिलएएससीसीवादसंख्यमेंा22 सन् 1976 दायमेंरविकयमेंागयमेंार्थीा।अभिभवन कोध्यमेंानमेंरखे हुए, विनम्नलिललिख विववाद्यकोंकोविदनांक03. 11. 1978 कोविवरति विकयमेंागयमेंार्थीा: - "1. क्यमेंापक्षकारोंकेबी मकानमालिलकऔरविकरायमेंेदारकासम्बन् है? यमेंविद हाँ, ोइसकाप्रभाव।

2.क्यमेंावादीसंपलिW कोबेनेकेकारण, वादकोपोर्षणीयमेंनहींरख सके हैं?

3.क्यमेंावादीकावाद पोर्षणीयमेंहै?

4.क्यमेंापक्षकारोंकेबी विकरायमेंेकेलिलएसहमति हुईर्थीी? यमेंविद हाँ, ो इसकाप्रभाव।

5.क्यमेंाअनुोर्ष , यमेंविद कोईहो, वादीहकदारहै? विदनांक09. 04. 1981 को ीनऔरविववाद्यकइस प्रकारजोड़ेगए: - "6. क्यमेंासम्पलिW अन्रणअतिविनयमेंमकी ारा106 और1972 की यमेंूपीअतिविनयमेंमसंख्यमेंा13 के ह नोविEसप्रतिवादीकोनहींदीगईर्थीी। यमेंविद हाँ, ोइसकाप्रभाव।

7.क्यमेंान्यमेंायमेंालयमेंफीसअपयमेंाप्तहै औरवादकाकममूल्यमेंांकनविकयमेंागयमेंा है?

8.क्यमेंायमेंह मुकदमापार्टिEयमेंोंकेअसंयमेंोजन केदोर्ष सेग्रस् है? ”

5.विववाद्यकसं. 6 केसंबं में, विवारणन्यमेंायमेंालयमेंनेपायमेंाविकप्रत्यमेंर्थिर्थीओंंद्वाराविदनांक03. 05. 1971 कोनोविEसप्राप्तविकयमेंागयमेंार्थीा।जैसाविकअन्यमेंनोविEसोंकेसंबं मेंयमेंहपायमेंा गयमेंाविकविदनांक15. 04. 1974 कोनोविEस पंजीकृ डाककेसार्थी-सार्थीपोस्टिंस्Eगकेप्रमाण पत्रकेमाध्यमेंमसेभेजागयमेंार्थीाऔरहालांविकउसनोविEसकीवास्विवक ाविमलकाकोई सबू नहींर्थीा, प्रत्यमेंर्थिर्थीओंंकेआरणसेदर्थिश हुआविकवेनोविEसकेबारे जाने र्थीेऔर उसकाज्ञानर्थीा।इसप्रकार, विवारणन्यमेंायमेंालयमेंनेविनष्कर्ष विनकालाविकवादीविनष्कासन औरविकराएकेबकायमेंाकेभुगानकेलिलएएकतिडक्रीकाहकदारर्थीा।विदनांक19. 08. 1992 केइस विनणयमेंऔरआदेशकाऑपरेविEवभागविनम्नलिललिख प्रभावकार्थीा: -

'' वादीकामुकदमारु. 19, 561/- केविकराएकेबकायमेंाकोमुकदमेंके

लम्बनकेदौरान6% प्रति वर्ष कीदरसेब्यमेंाजकेसार्थीभुगानऔर विनष्कासनकेलिलएतिडक्रीविकयमेंाजााहैऔरप्रतिवादीकोआदेशविदयमेंा जााहैविकवेवादसंपलिW परिरसरसं. 3, खंारीबाजारलेन, जैसाविक वादपत्रकेपैरा9 मेंलिलखागयमेंाहै, इसआदेशके60 विदनोंकेभीरखाली करदेंगेऔरअन्यमेंर्थीा, अदाल प्रतिवाविदयमेंोंकेख परइसेखाली करवाएगी।”

6.प्रत्यमेंर्थिर्थीओंनेव्यमेंभिर्थी होकर, उच्चमेंन्यमेंायमेंालयमेंमेंजिसविवलपुनरीक्षणसं. 104 सन् 1992 दायमेंरविकयमेंा, जिजसकोविदनांक27. 08. 2018 केविनणयमेंऔरआदेशद्वाराअनुमति दीगई र्थीी, जोवमानमेंअपीलकेअन्ग है। इसकाविनम्नानुसारअवलोकन विकयमेंागयमेंा: -

'' जहां कविदनांक12. 05. 1971 केपहलेनोविEसकासवालहै, इसमें

कोईविववादनहींहैइसकेबादमेंअन्यमेंनोविEसविकराएकीमांगकरनेके सार्थी-सार्थीविकरायमेंेदारीकोसमाप्तकरनेकेलिलएभेजेगएर्थीे, मकानमालिलक नेउक्त नोविEसकोमाफकरविदयमेंार्थीा।जहां कविदनांक05. 02. 1974 के नोविEसकासंबं है, यमेंहमानागयमेंाहैविकविकरायमेंेदारकोइसकी ामील नहींकीजासकी, क्यमेंोंविकयमेंहउल्लेलिख करे हुएवापसकरविदयमेंागयमेंार्थीा विकविकरायमेंेदारशहरसेबाहरर्थीाऔरयमेंहज्ञा नहींर्थीाविकवहकब लौEेंगी।इसेनोविEसकीपयमेंाप्त ामीलहोनानहींपायमेंागयमेंा।जहाँ क विदनांक15. 04. 1974 के ीसरेनोविEसकासंबं है, इसे ीन रीकोंके माध्यमेंमसेअर्थीा पंजीकृ डाक, पोस्टिंस्Eगकाप्रमाणपत्रऔर ारद्वारा भेजागयमेंार्थीा।उक्त नोविEसोंकी ामीलकोसाविब करनेकेलिलएरिरकॉड परकुछ भीनहींहै। ....… अीनस्र्थीन्यमेंायमेंालयमेंकाउक्त अवलोकन अवै हैक्यमेंोंविकविदनांक12. 05. 1971 कीनोविEसकोमकानमालिलकनेउसकेबादबार-बारनोविEस भेजकरस्वयमेंंमाफकरविदयमेंार्थीा।इसलिलए, विदनांविक 12. 05. 1971 की नोविEसनेअपनीप्रासंविगकाखोदीऔरइसपरविनष्कासनकेमुकदमेको तिडक्रीकरनेकेलिलएअीनस्र्थीन्यमेंायमेंालयमेंद्वाराभरोसानहींविकयमेंाजा सकार्थीा। "

7.हमनेदोनोंपक्षोंकेविवद्व अतिवक्ताकोसुनाहैऔररिरकॉडकाअवलोकनविकयमेंाहैं।

8.हमारेविवारमें, उच्चमेंन्यमेंायमेंालयमेंद्वाराविनकालागयमेंायमेंहविनष्कर्ष विकविदनांक15. 04. 1974 कोनोविEसजारीकरनेपर, पूवकीविदनांविक 03. 05. 1971 नोविEसअतित्यमेंजिज होगयमेंी, पूणरूपसेसहीनहींहै।प्रत्यमेंर्थिर्थीओंकेअनुसारउक्त नोविEसविदनांविक 15. 04. 1974 उनकेद्वाराकभीप्राप्तनहींकीगयमेंीर्थीा।यमेंविद नोविEसपूणयमेंाप्राप्तनहींहुईर्थीी, ो नोविEसकीविकसीभीसामग्रीकेसंबं मेंकोईज्ञाननहींर्थीा, जिजसकेआारपरएक क विनकालाजासकार्थीाविकपहलानोविEसमाफकरविदयमेंागयमेंार्थीा।प्रत्यमेंर्थिर्थीओंद्वाराआग्रह विकयमेंागयमेंाआारपूरी रहसेअसंवहनीयमेंर्थीाऔरइसआारपरप्रत्यमेंर्थिर्थीओंकेपक्षमें कोईलाभनहींविदयमेंाजासकार्थीा।इसलिलए, हमेंइसअपीलकीअनुमति देनेऔरउच्च न्यमेंायमेंालयमेंद्वारापारिर आदेशकोअपास् करनेमेंकोईसंको नहींहै। 9. हालांविक, इस थ्यमेंपरविवारकरे हुएविकप्रत्यमेंर्थी&गणविपछले ीनदशकोंसेअतिक समयमेंसेपरिरसरकेकब्जेमेंहैं, हमप्रत्यमेंर्थिर्थीओंकोविदनांक30. 09. 2020 कविवाराीन परिरसरकोखालीकरनेकासमयमेंइस दशामेंदेे हैं; (क) प्रत्यमेंर्थी&गणआजसे ारसप्ताहकेभीरसशपर्थीहलफनामादालिखल करेंविकवेविदनांक30. 09. 2020 कोयमेंाउससेपहलेअपीलकाओंको विवाराीनपरिरसरकोखालीकरदेंगेऔरशान्तिन्पूणकब्जासौंपदेंगे। (ख) प्रत्यमेंर्थी& आजसेआठसप्ताहकेभीरविकराएकेसभीबकायमेंाका भुगानकरेंगेऔरप्रति माह रु. 1, 000/- काविकरायमेंादेनाजारीरखेंगे।

10.ऊपरवर्थिण शl मेंसेविकसीकेसंबं मेंकोईू कहोनेकीपरिरन्तिस्र्थीति में, विवारण न्यमेंायमेंालयमेंद्वारापारिर तिडक्रीविनष्पादनयमेंोग्यमेंहोजाएगी। 11. अपीलकोपूवक्त शब्दोंमेंअनुमति प्रदान कीजाीहै। कोईलाग नहीं। [न्यमेंायमेंमूर्ति उदयमेंउमेशललिल] [ न्यमेंायमेंमूर्ति इंविदराबनज& ] नईविदल्ली; 25 जिसम्बर2019